क्या आपके पास कार है ??
अक्सर लोग घर, आफिस,या मेहमानों के साथ यह बात करते हुए सुने जा सकते हैं,और लोग हाल चाल पूछने के साथ जानने की कोशिश करते हैं कि आप कैसे आये,जवाब आता है ,अपनी गाड़ी से,सामने वाला बुझे मन से उत्तर देता है,की तभी पीछे से आवाज़ आई की भैया ने कौन सी कार ली है।अभी नही कोई कार नही ली है,और मन यह सोच कर उदास हो गया कि मेरे पास कार नहीं है।और यह परिस्थिति कहीं पर भी निर्मित हो सकती है, चाहे आप किसी की शादी पार्टी निमंत्रण में जा रहे हो चाहे दोस्त भाई के मिलने जा रहे हो चाहे पिकनिक पार्टी में जा रहे हैं। आपको यह एहसास हो सकता है कि आपके पास कार नहीं है, क्योंकि बचपन से ही कार एक सपना है ऐसा बताया जाता है ,कार लेनी है ,बेटा बड़े होकर के क्या बनोगे बेटा कौन सी गाड़ी लोगे ऐसे सवाल के जवाब सिखाए जाते हैं। बस यहीं से शुरू हो जाती है कार खरीदने की तैयारी क्योंकि आज पत्नी कल बच्चे सब की जिद है पापा कार कब लोगे हम कार से कब जाएंगे और वह एक आदमी कार् के लिए भटकना शुरू कर देता है। सभी प्रकार के जतन करता है की कार ले ले क्योंकि समाज की नजर में अगर आपके पास कार नहीं हैं तो आप बेकार है, जैसे तैसे करके वह कार लेता है तो नया सवाल आता है कौन सी कार है यहां पर कौन सी कार का मतलब लंबी कार से अगर आपके पास में छोटी कार है तब उसकी कीमत को आपके व्यक्तित्व से जोड़ दिया जाता है और जब आप कहीं जाते हैं तो लोग उसी नजर से देखते हैं, लेकिन इसके ठीक उलट अगर आपके पास में लंबी कार है तो घर के बाहर खेल रहे बच्चे भी आवाज लगाते हैं पापा पापा कोई अंकल लंबी कार से आए हैं बड़ी वाली कार से आए और आपकी छाप बढ़ जाती है इसलिए कार लेना तो आसान है, लेकिन कार को अपने व्यक्तित्व से जोड़ना उतना ही कठिन है, जैसे तैसे करके फिर से एक लंबी कार ली लंबी और बड़ी कार लेने का मतलब यहां पर ज्यादा पैसे खर्च ज्यादा आराम और ज्यादा दिखावे से था किंतु देसी सड़क को यह मंजूर नहीं है आप लंबी कार से चलें इसलिए वह गति अवरोधक उबड़ खाबड़ गड्ढे यह एहसास दिलाते रहते हैं की बड़ी और बड़ी गाड़ी लेनी है तुमको ऊंची गाड़ी लेनी है नहीं तो तुम रोड पर भी घिसट रहे हो और जब बाजू से एक ऊंची गाड़ी आकर खड़ी होती है तब तुम्हें यह एहसास होता है कि देखो वह कैसे ऊंचाई पर शान के साथ बैठा हुआ है और उसे रोड पर किसी छोटे-मोटे गड्ढे का और पत्थर का किसी बात का कोई डर नहीं है यह देख कर मन आत्मग्लानि बस फिर से शोरूम की तरफ चल पड़ा और अब की बार ऊंची लंबी चौड़ी विशालकाय बड़े पहियों वाली गाड़ी ले आया और सवाल आज भी वहीं पर है क्योंकि मन मेरा दुखी था मैंने अपनी पहली कार बेच कर एसयूवी ले ली है, और अब सभी लोग आपको हैरत भरी निगाह से देखते हैं और पूछते हैं कि कार क्यों बेच दी अब भाभी जी क्या चलाएंगे और आज वही बात है, फिर से भाभी जी के पास कार नहीं है, क्या एक कार तो रखनी चाहिए कार ज्यादा अच्छी लगती है, और आपके मन में लगता है ,आज भी मेरे पास कार नहीं है,और सवाल आज भी जीवित है,क्या आपके पास कार है ??
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बलात्कार पर राजनीति की भूमिका में मीडिया (चौथा स्तम्भ )
राजनीति# समाज # स्त्री #हत्या #शून्य #न्यूज चैनल
अपराधी कोई भी हो उनको सजा मिलनी चाहिए हमारी संवेदना है,
लेकिन जिनके पेट में ज्यादा पानी हिल रहा है और लाश पर राजनीति करने पर तुले हुए हैं जो योगी आदित्यनाथ और वर्गविशेष (क्षत्रिय ) को पानी पी पी कर कोस रहे हैं, ऐसी पप्पू सेना,समाजवादी,जातिवादी और इस देश में लाश पर राजनीति करने वाले, बलात्कार पर राजनीति करने वाले घटिया सोच वाले लोग जो लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर देश को बांटने का प्रयास करने वाले जातिगत राजनीति करने वाले ऐसे घटिया तुच्छ मानसिकता वाले लोग उनके एक घटिया प्रयास जातिगत वैमनस्य बाटने की राजनीति को योगी जी ने विफल कर दिया । प्रदेश में दंगा फैलाने की कोशिश को असफल किया ।उत्तर प्रदेश के हाथरस पर राजनीति करने वाले लोग जिनको राजस्थान कश्मीर कैराना आंध्र प्रदेश हैदराबाद में हुए केस नजर नहीं आएंगे।
अब हम ऐसे देश में रहते हैं जहां पर सवर्ण और दलित की राजनीति, बलात्कार की राजनीति, लाशों पर राजनीति होती है ,यहां भावनाओं की कोई कदर नहीं है ,जहां रिश्तो की कोई कदर नहीं है बाप मर रहा होता है बेटा कहता है मैं नहीं आऊंगा मुझे कोरोना हो जाएगा, देख लेना बाप के हाथ में अंगूठी है कुर्ते की जेब में आईफोन है दोनों बहुत महंगे हैं निकाल लेना बाप मर जाएगा बाकी चीजें बहुत महंगी है। यहां पर पड़ोसी से झगड़ा होता है दूसरा पड़ोसी भाईचारा भूल कर के उसकी रिपोर्ट लिखाने चला जाता है रिपोर्ट में लिख आता है मेरी बीवी के साथ गलत कर रहा था खुद ही कपड़े फाड़ देंगे जाकर रिपोर्ट लिखा देंगे ऐसे ऐसी जगह पर हम संवेदना को क्या स्थान दें बिल्कुल समझ में आता है कैमरे के इस पार की घटना जो हमें दिखाई जा रही है वह बिल्कुल भी नहीं उस क्षेत्र में हुई घटना है कि खीझकर झूठ को चिल्लाने से वह सच नहीं होगा हत्या हुई है किसी की मृत्यु हुई है बिल्कुल संभव है और उसके अपराधियों को सजा भी मिलनी चाहिए किंतु सारे पहलुओं को नजर रखकर।
पिछले एक हफ्ते में ना जाने हाथरस जैसी कितनी घटनाएं देश परदेश में हुई होंगे किंतु अफसोस इसी बात का है की ऐसी घटनाओं का राजनीतिक फायदा और उसको भी व्यापारिक फायदा बनाकर समाज के सामने प्रस्तुत करने का घृणित तरीका कुछ लोगों ने निकाल लिया है , और उनका फायदा उस प्रदेश में है वहां वह हो-हल्ला करेंगे वहां वह इंसाफ की आवाज उठाएंगे वहां वह मुआवजे की बात करेंगे वहां सौदेबाजी नौकरी की बात करेंगे वहां दलित की बात करेंगे वहां सामाजिकता की बात करेंगे और सामाजिक समरसता की बात करेंगे किंतु जहां उनका फायदा नहीं है वहां कितनी भी जघन्य घटनाएं होती रहे जिसमें उनका फायदा नहीं है वह कभी भी आवाज नहीं उठाएंगे क्षेत्र का दौरा नहीं करेंगे उस क्षेत्र में कभी भी आंदोलन नहीं होगा और उनके लोग ना ही सोशल मीडिया पर ना ही पब्लिकली ना ही कहीं पर चौराहे पर चर्चा करेंगे।
अंत में यही कहना चाहूंगा, कब तक इस देश के लोग भावना शून्य विचारशून्य संवेदनहीन होकर अपने फायदे के लिए कन्या भ्रूण हत्या अपने फायदे के लिए, कन्या पूजा अपने फायदे के लिए , विवाह अपने फायदे के लिए पुनर्विवाह फिर तलाक करने वाले अपने फायदे के लिए लाश पर राजनीति, बलात्कार पर राजनीति करते रहेंगे और बेटी स्त्री महिला के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करेंगे तब तक मुझे तो न्याय की उम्मीद समाज में नहीं है बेटी की लाश को मुआवजे और TRP के लिए बाजार बनाने वाले ऐसे मां ,बाप, भाई , मीडिया, सत्ता दल , प्रशासन, से भी सच कहने और न्याय दिलाने की उम्मीद नहीं है ।
Automobile staff
Let’s seek # आत्म-मंथन livelihood for ourselves. I have understood that work should be done in which there is a means of livelihood along with them and their own Those who lost their jobs thrice during this Covid-19, we will do this work ourselves this time in which the Till end My jobs are not lost.covid-19 has told that you have to be self-sufficient. # आत्मनिर्भर Knowledge gained after suffering from illness due to corona for last 20 days.A knowledge that anyone can have anytime , It would be better when you leave the job but churn yourself. self dependent, Don’t be sad if your job is gone, # परिणाम स्वरूप don’t worry Be healthy, stay cool, because if you know life is good then get it again.Keep in mind the marketing / sales is life-long process , #खोजबीन New work is waiting for you. In this whole process we are self sufficient. Automobile sales # समर्पित
अनुपम सिंह
Beginning of the journey
Presenteing you all in the account of this world resting on four wheels Starting today, your new journey will always be necessary with you in this Journey.
The Journey Begins
Thanks for joining me!
Good company in a journey makes the way seem shorter. — Izaak Walton
